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पाकुड़ कल्याण विभाग में 12.38 करोड़ का घोटाला उजागर, कई कर्मियों पर FIR, जांच तेज

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13 Dec 2025 || Sanjay Kumar
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पाकुड़ जिले के कल्याण विभाग में करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ है। कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार इक्का ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि विभाग के ही कुछ कर्मियों ने मिली भगत कर एसबीआई बैंक खाता संख्या 11440445629 से 12 करोड़ 38 लाख 66000 रुपए की अवैध निकासी की है। 8 दिसंबर को एसबीआई बाजार शाखा पाकुड़ के प्रबंधक अभिनव कुमार ने कल्याण पदाधिकारी को फोन कर बताया कि उनके द्वारा भेजे गए एडवाइस में किया गया हस्ताक्षर बैंक में संग्रहित हस्ताक्षर से मिल नहीं खा रहा है। प्रबंधक ने यह भी बताया कि एडवाइस लेकर बैंक पहुंचे कर्मचारी अक्षय रविदास संदिग्ध लग रहा था। हस्ताक्षर संदिग्ध पाए जाने के तुरंत बाद विभाग का कंप्यूटर ऑपरेटर सूरज कुमार केवट को और फिर कल्याण अधीक्षक मानवेंद्र झा बैंक पहुंचे। अधीक्षक एडवाइज को अपने साथ ले गए और दूसरा एडवाइस लाने की बात कह कर निकल गए। इधर शाखा प्रबंधक लगातार पदाधिकारी से संपर्क में थे। जबकि जाने बैंक कर्मियों से कहा कि पदाधिकारी आवास चले गए हैं। इससे बैंक प्रबंधक का शक और बढ़ गया। कल्याण पदाधिकारी ने जब इस मामले में कर्मियों से सख्ती से पूछताछ की तो लगभग 15 घंटे बाद कंप्यूटर ऑपरेटर सूरज कुमार ने कबूल किया कि संदिग्ध एडवाइज को फाड़ कर नष्ट कर दिया गया है। 

इसके बाद बैंक से 1 फरवरी 2025 से अब तक के खाते का पूरा विवरण मंगाया गया। इसकी जांच विभाग के कर्मचारी राकेश रंजनसोरेन, मोहम्मद तहसीनऔर मोहम्मद ईरतीका द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कई एडवाइस में दर्ज पत्र संख्या तिथि और निर्गत पंजी आपस में मिल नहीं खा रहे हैं। इसी आधार पर 12:38 करोड़  के गवन की पुष्टि हुई। पुराने कार्यालय पर भी संदेह है। एफआईआर में यह भी दर्ज है कि 1 फरवरी से पहले तत्कालीन कल्याण पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन के कार्यकाल में भी इसी तरह की फर्जी निकासी के संकेत मिले हैं। बैंक द्वारा भेजे गए 74 एडवाइस में से 7 एडवाइस ऐसे हैं जिनकी तिथि और पंजी मिलान नहीं खाती है इसके अलावा अक्षय रविदास को 4 दिसंबर को ही अनुसूचित जनजाति विद्यालय डूमर्चीर में  बीरमीत कर दिया गया था। फिर भी वह 8 दिसंबर को एडवाइस लेकर बैंक पहुंचा। जिसके बड़े घोटाले को पुष्टि होती है। कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि एडवाइस अधिकारियों को मिली भगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता। 

सोची समझी साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपए निकालने के आरोप में निम्नलिखित व्यक्तियों पर कांड संख्या 319 /25 बी एन एस की धारा 316 (4),316(5), 318 (4),336 (3),338,61 (2),3 (5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्यालय अधीक्षक मानवेंद्र झा,कंप्यूटर ऑपरेटर सूरज कुमार केवट,अनुसेवक अक्षय रविदास अन्य खातेदारी,लाभुक, फार्म,सहित मुकेश कुमार,मिठू कुमार झा,मिंटू कुमार मिश्रा, शिव इंटरप्राइजेज, बिपलब शाह,बीना देवी,निरंजन कुमार मिश्रा,पूर्णिमा कुमारी, पूजा कुमारी, प्रीतम कुमार झा,प्रदीप कुमार झा, प्रताप रविदास ,मनीषा मुर्मू ,ज्ञानी देवी ,राजेशकुमार दास ,संगीता कुमारी, सहा इंटरप्राइजेज ,चंदा देवी, अरुण कुमार गुप्ता, अमित कुमार अमर, आदित्य कुमार कश्यप, गौरव कुमार और लालू भास्कर शामिल है पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।